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KP रूलिंग प्लैनेट्स — अभी लाइव

2026-08-25 · 18:37 (IST · गणना का संदर्भ क्षण)  ·  🕐 IST घड़ी: --:--:--

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लग्न घटक आपके शहर के अनुसार बदलते हैं

इस क्षण का रूलिंग प्लैनेट सेट — Delhi

मंगल (Mars) · शनि (Saturn) · सूर्य (Sun) · राहु (Rahu) · केतु (Ketu)

दोहराव हटाकर और राहु/केतु की एजेंसी (प्रतिनिधि) प्रतिस्थापन लागू करके — ठीक वही सेट जो एक KP ज्योतिषी इस क्षण के लिए अपनी डायरी में लिखता।

इस क्षण के पाँच घटक

घटकमानस्वामी
लग्न नक्षत्र स्वामीकुंभ (Aquarius) उदयमंगल (Mars)
लग्न राशि स्वामीकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)
चंद्र नक्षत्र स्वामीचंद्र उत्तराषाढ़ा (Uttara Ashadha) मेंसूर्य (Sun)
चंद्र राशि स्वामीचंद्र मकर (Capricorn) मेंशनि (Saturn)
दिन स्वामीमंगलवार (Tuesday) (सूर्योदय-से-सूर्योदय)मंगल (Mars)

लग्न लगभग हर दो घंटे में राशि बदलता है, इसलिए यह तालिका दिन भर बदलती रहती है — चंद्र के घटक घंटों-से-दिनों में बदलते हैं, और दिन स्वामी सूर्योदय पर।

ग्रह-नाम संकेतिका (English → हिंदी)

Sun → सूर्य Moon → चंद्र Mars → मंगल Mercury → बुध Jupiter → गुरु Venus → शुक्र Saturn → शनि Rahu → राहु Ketu → केतु

ऊपर का सेट चुने हुए शहर के लिए IST क्षण पर गणित है। लग्न के स्वामी आपके स्थान और प्रश्न पूछने के सटीक मिनट पर निर्भर करते हैं — इसीलिए असली KP प्रश्न-उत्तर आपके क्षण, आपके स्थान और आपके प्रश्न के लिए ही बनाया जाता है।

अपना प्रश्न पूछें — ₹99

भारत के 20 शहरों में इस क्षण का लग्न

पूरा भारत एक ही समय-क्षेत्र (IST) में है, इसलिए दिन स्वामी और चंद्र के दोनों घटक हर शहर में समान रहते हैं — केवल लग्न के दो घटक शहर के अक्षांश-देशांतर से बदलते हैं। यही अंतर नीचे दिख रहा है।

शहरलग्न राशिराशि स्वामीनक्षत्र स्वामी
New Delhiकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)मंगल (Mars)
Mumbaiकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)मंगल (Mars)
Bengaluruकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Hyderabadकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Chennaiकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Kolkataकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)गुरु (Jupiter)
Puneकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)मंगल (Mars)
Ahmedabadकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)मंगल (Mars)
Jaipurकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)मंगल (Mars)
Lucknowकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Suratकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)मंगल (Mars)
Kanpurकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Nagpurकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Indoreकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)मंगल (Mars)
Bhopalकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Patnaकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Chandigarhकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)मंगल (Mars)
Kochiकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)
Guwahatiकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)गुरु (Jupiter)
Varanasiकुंभ (Aquarius)शनि (Saturn)राहु (Rahu)

KP ज्योतिष में रूलिंग प्लैनेट्स (Ruling Planets) क्या हैं?

रूलिंग प्लैनेट्स — यानी किसी क्षण के "शासक ग्रह" — प्रो. के.एस. कृष्णमूर्ति की सबसे प्रसिद्ध खोज हैं। यह उन गिने-चुने ग्रहों का छोटा-सा समूह है जो किसी दिए गए क्षण पर "शासन" करते हैं: लग्न का नक्षत्र स्वामी और राशि स्वामी, चंद्र का नक्षत्र स्वामी और राशि स्वामी, और दिन स्वामी। कृष्णमूर्ति जी का अनुभव-सिद्ध निष्कर्ष — जो हज़ारों प्रश्न कुंडलियों पर परखा गया — यह था कि जिस क्षण कोई सच्चा प्रश्न मन में उठता है, उस क्षण के शासक ग्रह उसी प्रश्न के उत्तर की ओर भी संकेत करते हैं। यही कारण है कि KP पद्धति में रूलिंग प्लैनेट्स को "ईश्वरीय संकेत" तक कहा गया है — ये किसी सारणी से नहीं, बल्कि पूछने के क्षण से जन्म लेते हैं।

ध्यान रखें: यह पृष्ठ पूरी तरह KP (कृष्णमूर्ति पद्धति) के अनुसार है — यहाँ राशिफल, चंद्र-राशि भविष्यवाणी या कोई सामान्य दैनिक फल नहीं है। रूलिंग प्लैनेट्स क्षण का औज़ार हैं, व्यक्ति का नहीं।

पाँच घटक और उनका बल-क्रम

KP में पाँचों घटकों का महत्व इस क्रम में तौला जाता है:

  • लग्न नक्षत्र स्वामी — सबसे बलवान। लग्न सबसे तेज़ चलने वाला बिंदु है, इसलिए उसका नक्षत्र स्वामी क्षण-विशेष की सबसे सूक्ष्म पहचान है।
  • चंद्र नक्षत्र स्वामी — मन का सूचक चंद्र जिस नक्षत्र में है, उसका स्वामी। प्रश्नकर्ता के मन की दिशा यही बताता है।
  • चंद्र राशि स्वामी — चंद्र जिस राशि में विचरण कर रहा है, उसका स्वामी।
  • लग्न राशि स्वामी — उदित हो रही राशि का स्वामी।
  • दिन स्वामी — सबसे व्यापक घटक; पूरा दिन एक ही स्वामी के अधीन रहता है।

व्यवहार में KP ज्योतिषी इस सूची से दोहराव हटाता है, और फिर राहु-केतु का एजेंसी नियम लागू करता है — तभी अंतिम सेट बनता है, जैसा ऊपर कार्ड में दिख रहा है।

दिन स्वामी का सूर्योदय नियम

KP में दिन आधी रात को नहीं बदलता — दिन स्वामी सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। अर्थात यदि आप सूर्योदय से पहले (मान लीजिए सुबह 4 बजे) प्रश्न पूछते हैं, तो दिन स्वामी अभी भी पिछले दिन का ही रहेगा। रविवार का स्वामी सूर्य, सोमवार का चंद्र, मंगलवार का मंगल, बुधवार का बुध, गुरुवार का गुरु, शुक्रवार का शुक्र और शनिवार का शनि — यह क्रम स्थिर है; बदलती है केवल दिन की सीमा, जो सूर्योदय से तय होती है। इस पृष्ठ का इंजन यही सूर्योदय-आधारित गणना करता है।

राहु-केतु की एजेंसी: सेट में छाया ग्रह क्यों दिखते हैं?

KP का प्रसिद्ध नियम: राहु या केतु जिस राशि में बैठे हों, वे उस राशि के स्वामी के प्रतिनिधि (agent) बन जाते हैं — और जिस ग्रह से युति या दृष्टि-संबंध में हों, उसका फल भी देते हैं। इसलिए जब पाँच घटकों में से किसी स्वामी की राशि में कोई नोड बैठा हो, तो वह नोड सेट में उस ग्रह की जगह ले लेता है — और अनुभव यह कहता है कि नोड का फल मूल ग्रह से भी अधिक प्रबल होता है। ऊपर के सेट में राहु (Rahu) या केतु (Ketu) दिखे तो समझिए यही एजेंसी नियम काम कर रहा है।

रूलिंग प्लैनेट्स का उपयोग कहाँ होता है?

KP पद्धति रूलिंग प्लैनेट्स को ठीक तीन कामों में लगाती है:

  • प्रश्न (Prashna / होररी): जब रूलिंग प्लैनेट्स कस्पल सब लॉर्ड के निर्णय से सहमत हों, तो उत्तर की पुष्टि हो जाती है; घटना का समय-खिड़की भी दशा-क्रम से यही ग्रह चुनते हैं। आप अभी 1–249 में से अपना नंबर लेकर मुफ्त प्रश्न कुंडली बना सकते हैं — कैलकुलेटर इसी क्षण का RP सेट भी साथ दिखाता है।
  • मुहूर्त (शुभ समय चयन): चुने हुए क्षण के रूलिंग प्लैनेट्स व्यक्ति की कुंडली के कारक ग्रहों से मेल खाने चाहिए — तभी मुहूर्त पक्का माना जाता है। विस्तार से पढ़ें: KP मुहूर्त रिपोर्ट
  • जन्म-समय शुद्धि (Birth-time rectification): जन्म के बारे में पूछे गए प्रश्न के क्षण के रूलिंग प्लैनेट्स उस जन्म के वास्तविक लग्न से गहरा संबंध रखते हैं — इसी से मिनटों की त्रुटि सुधारी जाती है।

रूलिंग प्लैनेट्स किस काम के नहीं हैं: दैनिक जन्मकुंडली फल के। आपके जीवन की घटनाओं का समय आपकी अपनी कुंडली के कस्पल सब लॉर्ड और विंशोत्तरी दशा से तय होता है — किसी भी दिन के सामान्य आकाश से नहीं। जो साइट बिना जन्म-समय के "आज का फल" बताती है, वह KP नहीं कर रही।

आज के रूलिंग प्लैनेट्स का उपयोग कैसे करें

यदि आप KP का अभ्यास करते हैं: ऊपर का सेट नोट कीजिए, जिस क्षण आपका प्रश्न सचमुच मन में बने उसी क्षण की प्रश्न कुंडली बनाइए, और अपने रूलिंग प्लैनेट्स तथा संबंधित कस्पल सब लॉर्ड के बीच सहमति जाँचिए। समय-निर्धारण के लिए दशा-भुक्ति-अंतर की सीढ़ी में उन्हीं अवधियों को खोजिए जिन पर सबसे बलवान रूलिंग प्लैनेट्स का शासन हो। प्रश्न पूछने की पूरी विधि हमारी KP प्रश्न-गाइड में पढ़ सकते हैं।

और यदि आपको सीधे उत्तर चाहिए: हमारा इंजन पूरी KP विधि — कस्पल सब लॉर्ड विश्लेषण, 4-चरण कारक, दशा समय-निर्धारण, और रूलिंग प्लैनेट पुष्टि — आपके सरल भाषा में पूछे गए प्रश्न पर लागू करता है। एक प्रश्न, एक दिनांक-सहित उत्तर, ₹99 में।

सामान्य प्रश्न

क्या रूलिंग प्लैनेट्स दिन भर बदलते रहते हैं?
हाँ — लग्न के घटक लगभग हर दो घंटे में बदलते हैं (उदित राशि और उसका नक्षत्र बदलने पर), चंद्र के घटक घंटों-से-दिनों में, और दिन स्वामी सूर्योदय पर। इसीलिए यह पृष्ठ हर 60 सेकंड में स्वतः ताज़ा होता है।

क्या ये मेरे व्यक्तिगत रूलिंग प्लैनेट्स हैं?
नहीं। रूलिंग प्लैनेट्स किसी क्षण और स्थान के होते हैं, किसी व्यक्ति के नहीं। यह पृष्ठ चुने हुए शहर का इस क्षण का सेट दिखाता है। आपके अपने प्रश्न का उत्तर उस क्षण के रूलिंग प्लैनेट्स से निकलता है जब आप पूछते हैं — आपके स्थान पर।

क्या इन ग्रहों से मैं अपने पूरे दिन का फल जान सकता हूँ?
KP में नहीं। दैनिक मार्गदर्शन आपकी अपनी कुंडली से आता है — कस्पल सब लॉर्ड और आपकी चल रही विंशोत्तरी दशा से — दिन के सामान्य आकाश से नहीं। रूलिंग प्लैनेट्स विशिष्ट क्षण पर पूछे गए विशिष्ट प्रश्नों (प्रश्न कुंडली), मुहूर्त की पुष्टि, और जन्म-समय शुद्धि के औज़ार हैं।

राहु या केतु सेट में क्यों दिखते हैं?
KP का एजेंसी नियम: नोड जिस राशि में बैठा हो, उस राशि के स्वामी का प्रतिनिधि बन जाता है (और युति/दृष्टि-संबंधी ग्रहों का भी)। जब राहु या केतु पाँच घटक-स्वामियों में से किसी की राशि में हों, तो नोड उसकी जगह सेट में आ जाता है — प्रायः और भी प्रबल फल के साथ।

क्या अलग-अलग शहरों में रूलिंग प्लैनेट्स अलग होते हैं?
आंशिक रूप से। पूरा भारत IST पर चलता है, इसलिए दिन स्वामी और चंद्र के दोनों घटक हर शहर में एक जैसे रहते हैं — पर लग्न स्थान से तय होता है, इसलिए लग्न राशि स्वामी और लग्न नक्षत्र स्वामी शहर-दर-शहर बदल सकते हैं। ऊपर की 20-शहर तालिका ठीक यही अंतर दिखाती है।

अभी मन में कोई प्रश्न है?

पूछने का निर्णय जिस क्षण होता है, वह क्षण स्वयं KP विधि का हिस्सा है। एक प्रश्न, एक दिनांक-सहित उत्तर।